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॥ शुभ ॥

देव उठनी एकादशी २०२६ · Dev Uthani Ekadashi

देव उठनी एकादशी २०२६ में शुक्रवार, २० नवंबर २०२६ (कार्तिक शुक्ल एकादशी) को है। देव उठनी (प्रबोधिनी) एकादशी विष्णु को उनकी चार-माह की चातुर्मास निद्रा से जगाती है और विवाह ऋतु पुनः आरंभ होती है।

९८ दिन शेषशुक्रवारत्योहार

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९८ दिन शेष
२० नवंबर
शुक्रवार, २०२६ · कार्तिक शुक्ल एकादशी
महत्व

देव उठनी (प्रबोधिनी) एकादशी विष्णु को उनकी चार-माह की चातुर्मास निद्रा से जगाती है और विवाह ऋतु पुनः आरंभ होती है। तुलसी विवाह किया जाता है, और मानसून विराम के बाद शुभ कार्य फिर शुरू होते हैं।

देव उठनी एकादशी कैसे मनाया जाता है

विष्णु जागरण, तुलसी विवाह, और विवाह मुहूर्तों का पुनरारंभ।

देव उठनी एकादशी २०२६ — संक्षिप्त जानकारी

विवरणमान
तिथिशुक्रवार, २० नवंबर २०२६
तिथि (चंद्र)कार्तिक शुक्ल एकादशी
प्रकारप्रमुख त्योहार
शेष९८ दिन शेष
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देव उठनी एकादशी २०२६ — सामान्य प्रश्न

देव उठनी एकादशी २०२६ में कब है?

देव उठनी एकादशी २०२६ में शुक्रवार, २० नवंबर २०२६ को है, कार्तिक शुक्ल एकादशी पर।

देव उठनी एकादशी का महत्व क्या है?

देव उठनी (प्रबोधिनी) एकादशी विष्णु को उनकी चार-माह की चातुर्मास निद्रा से जगाती है और विवाह ऋतु पुनः आरंभ होती है। तुलसी विवाह किया जाता है, और मानसून विराम के बाद शुभ कार्य फिर शुरू होते हैं।

देव उठनी एकादशी कैसे मनाया जाता है?

विष्णु जागरण, तुलसी विवाह, और विवाह मुहूर्तों का पुनरारंभ। क्षेत्रीय परंपराएँ भिन्न हो सकती हैं; यहाँ की तिथियाँ उत्तर-भारतीय (दिल्ली) पंचांग अनुसार हैं।

देव उठनी एकादशी किस तिथि को है?

देव उठनी एकादशी कार्तिक शुक्ल एकादशी को मनाया जाता है। चूँकि हिंदू त्योहार चंद्र कैलेंडर से चलते हैं, ग्रेगोरियन तिथि हर वर्ष बदलती है।