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आज का संपूर्ण हिंदू पंचांग — पाँच अंग (तिथि Krishna Dwitiya, नक्षत्र Ashwini, योग, करण, वार) के साथ राहु काल 07:42–09:12, अभिजीत मुहूर्त, चौघड़िया, होरा और ग्रह स्थिति — शास्त्रीय लाहिरी गणना (दिल्ली सूर्योदय) से।
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| Limb / अंग | Detail |
|---|---|
| Tithi · तिथि | Krishna Dwitiya (Krishna paksha) · until 19:13 |
| Vara · वार | Monday · ruled by Moon |
| Nakshatra · नक्षत्र | Ashwini (pada 1) · until 09:03 (+1) |
| Yoga · योग | Vyaghata · until 06:12 (+1) |
| Karana · करण | Gara · until 19:13 |
| Vikram Samvat | 2083 · Parabhava |
| Shaka Samvat | 1948 |
“Until HH:MM” is the local time each limb ends and the next begins (computed from the Moon's motion; “(+1)” means after midnight). Times are IST.
| Window · समय | Timing | Nature |
|---|---|---|
| Rahu Kaal · राहु काल | 07:42–09:12 | Avoid |
| Yamaganda · यमगण्ड | 10:41–12:11 | Avoid |
| Gulika Kaal · गुलिक काल | 13:41–15:11 | Avoid |
| Kantaka / Mrityu · मृत्यु | 06:12–07:42 | Avoid |
| Kaalavela / Ardhayaam | 09:12–10:41 | Avoid |
| Yamaghanta · यमघण्ट | 12:11–13:41 | Avoid |
| Kulika · कुलिक | 15:11–16:40 | Avoid |
| Abhijit Muhurat · अभिजीत | 11:47–12:35 | Auspicious |
Windows use the real local sunrise (06:12) and sunset (18:10). Avoid Rahu Kaal, Yamaganda and Gulika for new beginnings; Abhijit muhurat is the bright window near midday.
The Moon is in Ashwini today. It is auspicious for people born under these janma nakshatras:
Bharani, Krittika, Mrigashira, Punarvasu, Ashlesha, Purva Phalguni, Uttara Phalguni, Chitra, Vishakha, Jyeshtha, Purva Ashadha, Uttara Ashadha, Dhanishta, Purva Bhadrapada, Revati.
The Moon is in Mesha today. The lunar energy supports these moon signs:
Mesha, Mithuna, Karka, Tula, Vrischika, Kumbha.
| Planet | Rashi | Degree | Nakshatra (Pada) |
|---|---|---|---|
| Ascendant | Vrischika | 25°05′ | Jyeshtha (3) |
| Sun | Kanya | 10°56′ | Hasta (1) |
| Moon | Mesha | 00°30′ | Ashwini (1) |
| Mars | Karka | 05°52′ | Pushya (1) |
| Mercury | Tula | 02°46′ | Chitra (3) |
| Jupiter | Karka | 24°52′ | Ashlesha (3) |
| Venus | Tula | 13°47′ | Swati (3) |
| Saturn | Meena | 17°34′ | Revati (1) |
| Rahu | Kumbha | 03°38′ | Dhanishta (4) |
| Ketu | Simha | 03°38′ | Magha (2) |
The ascendant and planetary placements at this moment, North-Indian style. For a birth chart, use the free janam kundli.
सूर्योदय, राहु काल और चौघड़िया आपके स्थान के अनुसार बदलते हैं। अपने शहर के वास्तविक सूर्योदय से गणना किया गया आज का पंचांग देखें।
पंचांग का अर्थ है "पाँच अंग" — पंच (पाँच) + अंग। यह हिंदू दिनदर्शिका है जो दिन की ऊर्जा को पाँच तत्वों से दर्शाती है: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इन्हीं से तय होता है कि आज का दिन किसी कार्य के लिए शुभ है या नहीं, और दिन के कौन-से घंटे उपयोग करें या टालें।
आज का पंचांग इन पाँच अंगों के साथ राहु काल, अभिजीत मुहूर्त और चौघड़िया जैसे समय-खंड भी बताता है, ताकि आप विवाह, गृह-प्रवेश, नया व्यापार या यात्रा का सही समय चुन सकें।
सूर्योदय, सूर्यास्त और इसलिए राहु काल व चौघड़िया आपके स्थान के अनुसार बदलते हैं — यह पृष्ठ दिल्ली (राष्ट्रीय संदर्भ) के लिए गणना करता है; अपने शहर का सटीक पंचांग नीचे चुनें।
चंद्र दिवस — चंद्रमा का सूर्य से 12° आगे बढ़ना। एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं, जो शुक्ल (बढ़ता चंद्रमा) और कृष्ण (घटता चंद्रमा) पक्ष में बँटी हैं। व्रत और त्योहार तिथि से ही तय होते हैं।
सप्ताह का दिन, जो सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है। हर वार का एक स्वामी ग्रह होता है — रविवार/सूर्य, सोमवार/चंद्र — जो दिन के स्वभाव को रंग देता है।
वह चंद्र-मंडल जिसमें चंद्रमा स्थित है, कुल 27 में से एक। यह नामकरण, मुहूर्त और गुण-मिलान का आधार है।
सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त स्थिति को 27 भागों में बाँटकर बनता है। अधिकांश योग शुभ हैं; कुछ (व्यतिपात, वैधृति) में सावधानी रखी जाती है।
आधी तिथि — ग्यारह करण मास भर चक्र में घूमते हैं। विष्टि (भद्रा) करण शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना जाता है।
शुभ विवाह मुहूर्त तिथि, नक्षत्र, वार और योग को इस प्रकार मिलाता है कि दंपति का वैवाहिक जीवन सामंजस्य से आरंभ हो। पंचांग दिन छाँटता है; अंतिम लग्न पंडित जी तय करते हैं।
उद्घाटन, बही-खाता पूजन और बड़े दस्तावेज़ हस्ताक्षर राहु काल के बाहर शुभ तिथि पर किए जाते हैं, ताकि कार्य बढ़ती ऊर्जा पर आरंभ हो।
जन्म नक्षत्र और उसका पाद शिशु के नाम का शुभ आरंभिक अक्षर तय करते हैं — पंचांग नक्षत्र और नामकरण की अवधि बताता है।
दिशा-शूल (दिन की अशुभ दिशा) और राहु काल से सुरक्षित यात्रा होती है; चर चौघड़िया यात्रा का उत्तम समय है।
एकादशी, प्रदोष, संकष्टी और अमावस्या व्रत पूरी तरह तिथि पर निर्भर हैं — पंचांग बताता है प्रत्येक कब आरंभ और समाप्त होता है।
एक कॉल, खरीदारी या बैठक — सामान्य निर्णय भी शुभ, लाभ या अमृत चौघड़िया में रखे जा सकते हैं।
यहाँ का हर मान शास्त्रीय लाहिरी (चित्रपक्ष) निरयण पद्धति से निकाला गया है — भारतीय पंचांग का मानक — और ग्रह स्थिति के लिए आधुनिक खगोलीय इंजन का उपयोग होता है। तिथि और करण चंद्र-सूर्य अंतर से, नक्षत्र निरयण चंद्रमा से, और राहु काल जैसे समय-खंड दिन के वास्तविक सूर्योदय/सूर्यास्त से बनते हैं।
फिर भी विवाह या गृह-प्रवेश जैसे बड़े कार्यों के लिए अंतिम मुहूर्त अपने पंडित जी से अवश्य पक्का करें — अयनांश और सूर्योदय की परंपरा के कारण अलग-अलग पंचांगों में थोड़ा अंतर हो सकता है।
हम अपनी विधि (लाहिरी निरयण, वास्तविक सूर्योदय) स्पष्ट बताते हैं ताकि मान पुनः सत्यापित किए जा सकें। किसी निश्चित मुहूर्त के लिए अपने कुल-पुरोहित से पुष्टि करें।
आज (सोमवार, 28 सितंबर 2026) तिथि Krishna Dwitiya है, Krishna पक्ष में, और यह 19:13 (IST) तक रहती है, जिसके बाद अगली तिथि आरंभ होती है। तिथि चंद्र दिवस है और दिन भर बदलती रहती है, इसलिए महत्वपूर्ण कार्य शुभ तिथि में और राहु काल के बाहर किए जाते हैं।
आज का नक्षत्र Ashwini (पाद 1) है, जो 09:03 (+1) (IST) तक प्रभावी है। यह वह चंद्र-मंडल है जिसमें चंद्रमा स्थित है, और नामकरण व मुहूर्त दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
आज राहु काल 07:42–09:12 है, जो वास्तविक स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त से निकाला गया है। यह दिन का अशुभ आठवाँ भाग है जिसमें नया कार्य आरंभ करना टाला जाता है; यमगण्ड (10:41–12:11) और गुलिक (13:41–15:11) भी ऐसे ही समय हैं, जबकि अभिजीत मुहूर्त (11:47–12:35) शुभ है।
आज का पंचांग दिन के पाँच अंग हैं — तिथि (Krishna Dwitiya), वार (Monday), नक्षत्र (Ashwini), योग (Vyaghata) और करण (Gara) — साथ ही राहु काल और अभिजीत जैसे समय-खंड। यह शास्त्रीय लाहिरी (निरयण) पद्धति से बनाया गया है।
आज का ताराबल इन जन्म नक्षत्रों के लिए शुभ है: Bharani, Krittika, Mrigashira, Punarvasu, Ashlesha, Purva Phalguni, Uttara Phalguni, Chitra, Vishakha, Jyeshtha, Purva Ashadha, Uttara Ashadha, Dhanishta, Purva Bhadrapada, Revati। चंद्रबल इन राशियों के लिए शुभ है: Mesha, Mithuna, Karka, Tula, Vrischika, Kumbha। यदि आपका जन्म नक्षत्र या चंद्र राशि इसमें है, तो दिन की चंद्र ऊर्जा आपके अनुकूल है।