जब मंगल लग्न से 1, 2, 4, 7, 8 या 12वें भाव में हो तो कुंडली मांगलिक कहलाती है।
मांगलिक दोष मिलान
दोनों कुंडलियों की मांगलिक जाँच। दोनों मांगलिक होने पर दोष समाप्ति के नियम।
मुख्य बातें
- मंगल दोष तब होता है जब मंगल 1, 2, 4, 7, 8 या 12वें भाव में स्थित हो।
- दोनों मंगली होने पर दोष परस्पर निवारित हो जाता है — यह सर्वोत्तम स्थिति है।
- शुभलेखा लग्न, चंद्र और शुक्र तीनों से मंगल की जाँच करता है।
- मंगल दोष के अनेक शास्त्रीय नाशक योग हैं; केवल कच्ची जाँच पर निर्भर न रहें।
- संपूर्ण गुण-मिलान और कुंडली विश्लेषण के बिना मंगल दोष का आकलन अधूरा है।
मंगल दोष मिलान क्या है?
मंगल दोष मिलान वह प्रक्रिया है जिसमें वर और वधू दोनों की कुंडलियों में मंगल की स्थिति जाँची जाती है। यदि दोनों मंगली हों तो दोष निवारित हो जाता है। यदि केवल एक मंगली हो तो नाशक योगों की जाँच होती है।
1, 2, 4, 7, 8, 12 — लग्न, चंद्र और शुक्र से
पूर्ण निवारण — परस्पर दोष नाशित
नाशक योग जाँचें — शास्त्रीय नियम लागू करें
हाँ — पूजा, जप, रत्न
मंगल दोष मिलान की प्रक्रिया
लग्न, चंद्र और शुक्र से मंगल का भाव-स्थान, राशि और दृष्टि देखें।
यदि दोनों मंगली हों — दोष निवारित; गुण-मिलान आगे बढ़ाएँ।
एकपक्षीय दोष में: स्वगृही/उच्च मंगल, गुरु दृष्टि, लग्न-विशेष अपवाद की जाँच।
24+ गुण के साथ नाशक योग — श्रेष्ठ मिलान।
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शुभलेखा की रिपोर्ट में मंगल दोष की व्यापक जाँच और सभी नाशक योगों का विश्लेषण स्वचालित रूप से उपलब्ध है।
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- उपाय
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या दो मांगलिक मिलते हैं?
हाँ — यही सर्वश्रेष्ठ शास्त्रीय परिहार है।
क्या मांगलिक हमेशा अशुभ है?
नहीं — अनेक परिहार लागू होते हैं।
क्या एक मंगली और एक अमंगली का विवाह हो सकता है?
हाँ, जब शास्त्रीय नाशक योग लागू हों, गुण-मिलान 24+ हो और उचित उपाय किए जाएँ।
मंगल दोष का सबसे गंभीर भाव कौन सा है?
सप्तम भाव में मंगल सर्वाधिक महत्वपूर्ण माना जाता है, उसके बाद अष्टम भाव।
क्या मंगल दोष की जाँच केवल लग्न से होती है?
व्यापक जाँच में लग्न, चंद्र और शुक्र तीनों से जाँच होती है।
नीचे मुफ़्त मिलान कैलकुलेटर।
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