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॥ शुभ ॥

भकूट दोष परिहार

भकूट दोष कब बनता है, ग्रह मैत्री परिहार और मुफ़्त जाँच।

शास्त्रीय लहिरीभय-मुक्त व्याख्याहिन्दी + English
संक्षेप में उत्तर

भकूट दोष तब बनता है जब दो चंद्र राशियों की दूरी 2/12, 5/9 या 6/8 हो — भकूट कूट पर 0 अंक।

मुख्य बातें

  • भकूट दोष तब बनता है जब वर और वधू की चंद्र राशियाँ 2/12, 5/9 या 6/8 की स्थिति में हों।
  • भकूट कूट में अधिकतम 7 अंक हैं — अष्टकूट का दूसरा सर्वाधिक भारांक।
  • ग्रह मैत्री (चंद्र राशि स्वामियों की मित्रता) भकूट दोष का प्रमुख नाशक योग है।
  • 6/8 स्थिति सर्वाधिक संवेदनशील मानी जाती है; 2/12 और 5/9 अपेक्षाकृत कम गंभीर हैं।
  • शुभलेखा भकूट दोष का प्रकार, ग्रह मैत्री जाँच और शुद्ध स्कोर स्वतः प्रदर्शित करता है।

भकूट दोष क्या है?

अष्टकूट पद्धति में भकूट (राशि कूट) वर और वधू की चंद्र राशियों के बीच संबंध देखता है। जब दोनों की राशियाँ 2/12, 5/9 या 6/8 की स्थिति में हों तो भकूट दोष बनता है और 7 अंक नहीं मिलते। ग्रह मैत्री होने पर यह दोष प्रायः नाशित माना जाता है।

भकूट दोष की तीन स्थितियाँ

स्थितिशास्त्रीय चिंतागंभीरता
2/12 (द्वितीय-द्वादश)धन और व्यय का असंतुलनमध्यम
5/9 (पंचम-नवम)संतान और भाग्य अक्ष पर प्रभावमध्यम
6/8 (षष्ठ-अष्टम)स्वास्थ्य और आयु अक्ष — सर्वाधिक संवेदनशीलअधिक

ग्रह मैत्री — भकूट दोष का प्रमुख नाशक

दोनों चंद्र राशि स्वामियों में परस्पर मित्रता होने पर भकूट दोष प्रायः नाशित हो जाता है — यह नियम विवाह पटल और संबंधित ग्रंथों में स्पष्ट रूप से उल्लिखित है। ग्रह मैत्री की जाँच भकूट दोष मूल्यांकन का अनिवार्य हिस्सा है।

यदि ग्रह मैत्री हो और कुल गुण 24 से अधिक हों तो भकूट दोष के साथ भी मिलान स्वीकार्य माना जाता है।

भकूट दोष में अतिरिक्त नाशक योग

  • दोनों की चंद्र राशि एक समान हो (एकराशि)।
  • दोनों राशियों के स्वामी एक ही ग्रह हों — जैसे वृष और तुला दोनों के स्वामी शुक्र।
  • दोनों कुंडलियों में सप्तम भाव पर गुरु या शुक्र की शुभ दृष्टि।
  • कुल गुण 28 या उससे अधिक — कुछ आचार्य इस स्थिति में भकूट दोष को गौण मानते हैं।

शुभलेखा स्वचालित रूप से भकूट दोष की स्थिति, ग्रह मैत्री और शुद्ध भकूट स्कोर रिपोर्ट में प्रदर्शित करता है।

मुफ़्त गुण मिलान

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भकूट विश्लेषण
परिहार जाँच
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भकूट दोष समाप्त होता है?

हाँ — ग्रह मैत्री परिहार सर्वाधिक प्रचलित है।

भकूट कितने अंक का?

7 में से 7 या 0।

भकूट दोष में सबसे कठिन स्थिति कौन सी है?

6/8 स्थिति सर्वाधिक संवेदनशील मानी जाती है क्योंकि यह स्वास्थ्य और आयु को प्रभावित करने वाले भावों को जोड़ती है।

क्या भकूट दोष को ग्रह मैत्री के बिना भी स्वीकार किया जा सकता है?

कुछ आचार्य बहुत उच्च कुल गुण (28+) होने पर इसे स्वीकार करते हैं, किंतु ग्रह मैत्री की जाँच सर्वोत्तम है।

भकूट दोष की गणना किस आधार पर होती है?

भकूट की गणना सदैव चंद्र राशि (जन्म राशि) के आधार पर होती है।

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