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॥ शुभ ॥

कृष्ण जन्माष्टमी २०२६ · Krishna Janmashtami

कृष्ण जन्माष्टमी २०२६ में शुक्रवार, ४ सितंबर २०२६ (भाद्रपद कृष्ण अष्टमी) को है। जन्माष्टमी मथुरा में भगवान कृष्ण के मध्यरात्रि जन्म का उत्सव है।

२१ दिन शेषशुक्रवारत्योहार

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२१ दिन शेष
४ सितंबर
शुक्रवार, २०२६ · भाद्रपद कृष्ण अष्टमी
महत्व

जन्माष्टमी मथुरा में भगवान कृष्ण के मध्यरात्रि जन्म का उत्सव है। भक्त जन्म-क्षण तक उपवास रखते, झाँकियाँ सजाते और मध्यरात्रि आरती से व्रत खोलते हैं; अगले दिन दही-हांडी।

कृष्ण जन्माष्टमी कैसे मनाया जाता है

मध्यरात्रि तक व्रत, कृष्ण-लीला झाँकी, मध्यरात्रि आरती, और दही-हांडी।

कृष्ण जन्माष्टमी २०२६ — संक्षिप्त जानकारी

विवरणमान
तिथिशुक्रवार, ४ सितंबर २०२६
तिथि (चंद्र)भाद्रपद कृष्ण अष्टमी
प्रकारप्रमुख त्योहार
शेष२१ दिन शेष
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कृष्ण जन्माष्टमी २०२६ — सामान्य प्रश्न

कृष्ण जन्माष्टमी २०२६ में कब है?

कृष्ण जन्माष्टमी २०२६ में शुक्रवार, ४ सितंबर २०२६ को है, भाद्रपद कृष्ण अष्टमी पर।

कृष्ण जन्माष्टमी का महत्व क्या है?

जन्माष्टमी मथुरा में भगवान कृष्ण के मध्यरात्रि जन्म का उत्सव है। भक्त जन्म-क्षण तक उपवास रखते, झाँकियाँ सजाते और मध्यरात्रि आरती से व्रत खोलते हैं; अगले दिन दही-हांडी।

कृष्ण जन्माष्टमी कैसे मनाया जाता है?

मध्यरात्रि तक व्रत, कृष्ण-लीला झाँकी, मध्यरात्रि आरती, और दही-हांडी। क्षेत्रीय परंपराएँ भिन्न हो सकती हैं; यहाँ की तिथियाँ उत्तर-भारतीय (दिल्ली) पंचांग अनुसार हैं।

कृष्ण जन्माष्टमी किस तिथि को है?

कृष्ण जन्माष्टमी भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को मनाया जाता है। चूँकि हिंदू त्योहार चंद्र कैलेंडर से चलते हैं, ग्रेगोरियन तिथि हर वर्ष बदलती है।