⚡ Premium reports delivered to your email in under 10 minutes · classical Lahiri method · no fear-mongering

कुंडली क्या है? जन्म कुंडली पढ़ने की शुरुआती गाइड

जन्म कुंडली आपके जन्म के क्षण का आकाशीय मानचित्र है — उस समय नौ ग्रह जिन राशियों और भावों में स्थित थे, उनका शास्त्रीय चित्रण। यह वैदिक ज्योतिष का आधार-दस्तावेज़ है, जिससे लग्न, राशि, नक्षत्र और दशाएँ पढ़ी जाती हैं।

तीन बातें कुंडली की रीढ़ हैं: लग्न (जन्म-क्षण में पूर्व क्षितिज पर उदित राशि — लगभग हर दो घंटे में बदलती है), चंद्र राशि (जन्म के समय चंद्रमा जिस राशि में था — यही आपकी 'राशि' है), और जन्म नक्षत्र (चंद्रमा का तारा-समूह, जिससे विंशोत्तरी दशा की गणना होती है)।

कुंडली बनाने के लिए तीन जानकारियाँ चाहिए: जन्म तिथि, सटीक जन्म समय और जन्म स्थान। समय जितना सटीक, लग्न और भाव उतने विश्वसनीय।

नीचे अपनी सम्पूर्ण कुंडली मुफ़्त बनाइए — लग्न, नवग्रह स्थिति, नक्षत्र और महादशा समयरेखा के साथ।

मुफ़्त में जाँचें Generate your free kundli →

FAQ

कुंडली बनाने के लिए क्या-क्या चाहिए?

जन्म तिथि, यथासंभव सटीक जन्म समय, और जन्म स्थान — बस ये तीन जानकारियाँ।

क्या जन्म समय के बिना कुंडली बन सकती है?

राशि और नक्षत्र प्रायः तिथि से मिल जाते हैं, पर लग्न और भाव-विश्लेषण के लिए जन्म समय आवश्यक है।